केरल में Pinarayi Vijayan के घर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है. कन्नूर में पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर छापेमारी खत्म होने के बाद बाहर निकल रहे ED अधिकारियों को पार्टी कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा.
बताया जा रहा है कि जैसे ही ED अधिकारी बाहर निकलने लगे, CPI(M) कार्यकर्ताओं ने गेट पर उन्हें रोक लिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि मौके पर अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की जैसे हालात बन गए.
कार्यकर्ता लगातार ED अधिकारियों से सवाल पूछते रहे, जबकि पार्टी के स्थानीय नेता और वरिष्ठ पदाधिकारी समर्थकों को शांत कराने की कोशिश में जुटे रहे. काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसके बाद अधिकारियों को वहां से बाहर निकालने का प्रयास किया गया.
इस कार्रवाई को लेकर Communist Party of India (Marxist) के महासचिव M. A. Baby ने केंद्र सरकार और ED पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से की गई है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है.
एमए बेबी ने कहा, “हमने देश के कई हिस्सों में देखा है कि बड़े राजनीतिक नेताओं, मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाकर कार्रवाई की गई. Arvind Kejriwal और Manish Sisodia के मामलों में भी अदालतों से राहत मिली थी. यह बीजेपी-आरएसएस की राजनीतिक रणनीति का विस्तार है.”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय अब एक स्वतंत्र जांच एजेंसी की तरह काम नहीं कर रहा, बल्कि “आरएसएस-बीजेपी सरकार की राजनीतिक मशीनरी” बन चुका है. उनके मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने और राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है.
ED की इस कार्रवाई के बाद केरल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है. CPI(M) कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का मामला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. वहीं विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं.
